रखना दुर्बल सोच मत, ये है गरल समान।
जहर असर करता नहीं, जब हो सोच महान।।
जब हो सोच महान, शक्ति तन मन में आए।
मिले जगत सम्मान,सहज रस्ता मिल जाए।
कहि सुरेश कविराय, ज्ञान की बान परखना।
करना सोच विचार, सोच पर अच्छी रखना।।
सुरेश 'कविराय' की मौलिक हिंदी रचनाएँ — कुण्डलियाँ, दोहे, गीत, ग़ज़ल, कविता, मुक्तक और साहित्यिक चिंतन।
रखना दुर्बल सोच मत, ये है गरल समान।
जहर असर करता नहीं, जब हो सोच महान।।
जब हो सोच महान, शक्ति तन मन में आए।
मिले जगत सम्मान,सहज रस्ता मिल जाए।
कहि सुरेश कविराय, ज्ञान की बान परखना।
करना सोच विचार, सोच पर अच्छी रखना।।
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