रैली महा विशाल थी, टूटे सकल रिकॉर्ड।
दिल्ली का दिल थम गया, पटे भीड़ से रोड।।
पटे भीड़ से रोड, गर्जना महा बली की।
जायेगा ज्ञानेश, गूँज है गली गली की।।
वोट चोर सरकार, खबर सब जग में फैली।
बचें नहीं ग़द्दार, बात तै कर गई रैली।।
सुरेश 'कविराय' की मौलिक हिंदी रचनाएँ — कुण्डलियाँ, दोहे, गीत, ग़ज़ल, कविता, मुक्तक और साहित्यिक चिंतन।
रैली महा विशाल थी, टूटे सकल रिकॉर्ड।
दिल्ली का दिल थम गया, पटे भीड़ से रोड।।
पटे भीड़ से रोड, गर्जना महा बली की।
जायेगा ज्ञानेश, गूँज है गली गली की।।
वोट चोर सरकार, खबर सब जग में फैली।
बचें नहीं ग़द्दार, बात तै कर गई रैली।।
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