व्याख्या निपट अतीत की, नहि करने को ज्ञान।
साधन ज्ञान महान है, नये करे निर्माण।।
नये करे निर्माण, ज्ञान की है परिभाषा।
भावी ज्ञान प्रकाश, ज्ञान से मिटती त्रासा।।
कहि सुरेश कविराय, ज्ञान है कल की आख्या।
ज्ञान अनागत हेत, ज्ञान की पूरण व्याख्या।।
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