कठिन समय इंसान को, करता है मजबूत।
नूर निखर कर आइगा, मिलते बहुत सुबूत।।
कुल कर्षण के काल को, सहज बनाओ योग।
द्रष्टा बन कर देख लो, कौन किया सहयोग।।
तप कर सोने की चमक, और अधिक बढ़ जाय।
जैसे सलिल सरोज को, कबहु डुबो ना पाय।।
बुरा वक्त है साधना, काट समय कर जोर।
रात स्याह या चाँदनी, निश्चित होगा भोर।।
चन्द्र सुरेशा के लिए, सब दिन एक समान।
सफ़र सुखद होगा तभी, कम करले सामान।।
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