चोरी वोटन की करी, सीईसी ज्ञानेश।
लोकतंत्र बर्बाद कर, लूटा भारत देश।।
लूटा भारत देश, मगन मन होता गोदी।
होय बुरा परिणाम, कब्र सत्ता की खोदी।।
कहि सुरेश कविराय, चोर छोड़े कमजोरी।
पक्के मिले सबूत, खुली सत्ता की चोरी।।
सुरेश कविराय
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