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मुबारक आपको खुशियाँ सुरेश कविराय का बधाई संगीत

ख़ुशी की बात है न्यारी, छवी लगती बहुत प्यारी।
मुबारक आपको खुशियाँ, फ़िज़ाएं भी बहुत सारी।

दिशाएं झूमकर गायें, बगल में चाँद तारे हैं।
महकते बाग उपवन हैं, सुघड सुंदर नजारे हैं।
गगन से फूल बरसत हैं, हवाएं गीत गाती हैं।
मगन संगीत से महफ़िल, फ़िज़ाएं गुनगुनाती हैं।
शलामत ये जुगल जोड़ी, दुआ रब से यही मेरी।
रतन सब आपको अर्पण, खुशी संसार की सारी।
मुबारक आपको खुशियाँ, फ़िज़ाएं भी बहुत सारी।

मधू मधुवन बने तेरी, जगत में राज राजू का।
समझ रखते बहुत उम्दा, न जाने हाथ बाजू का।
बरस पच्चीस पूरे हैं, अभी अरमां अधूरे हैं।
कली दो दो खिली आंगन, वही दो हाथ मेरे हैं।
बलायें दूर रब रक्खे, सुखद आलम मिले इनको।
दुआ कर जोरि के मेरी, कि रखना लाज बनबारी।
मुबारक आपको खुशियाँ, फ़िज़ाएं भी बहुत सारी।

ख़ुशी की बात है न्यारी, छवी लगती बहुत प्यारी।
मुबारक आपको खुशियाँ, फ़िज़ाएं भी बहुत सारी।

सुरेश कविराय

#सुरेशकविराय #गीत #हिंदी

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