सबसे ऊँची दोस्ती
सबसे ऊँची दोसती, मोल बड़ा अनमोल।
हीरे उड़त उगार में, क्या सोने का मोल।।
क्या सोने का मोल, लुटाये माणिक पन्ना।
प्रेम नहीं व्यापार, सेठ क्यों बनना धन्ना।
ऊँचे नीचे भाव, शुरू होते हैं तब से।
अच्छा नाँहि सुरेश, बुरे दिन वे ही सबसे।।
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