तानाशाही पर अड़ी, मोदी की सरकार।
लोकतंत्र की मूल पर, करती सख्त प्रहार।
करती सख्त प्रहार, सुनेना ऐ जनमन की।
नहीं काम की बात, बात होती है मन की।
कहि सुरेश कविराय, बढ़ी नफरत महगाई।
लोकतंत्र कमजोर, करे ऐ तानाशाही।।
#कुंडलियाँ #हिंदीसाहित्य #सुरेशकविराय
तानाशाही पर अड़ी, मोदी की सरकार।
लोकतंत्र की मूल पर, करती सख्त प्रहार।
करती सख्त प्रहार, सुनेना ऐ जनमन की।
नहीं काम की बात, बात होती है मन की।
कहि सुरेश कविराय, बढ़ी नफरत महगाई।
लोकतंत्र कमजोर, करे ऐ तानाशाही।।
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