सार सब भूला प्राणी। सितंबर 19, 2026 प्राणी ही संसार में, पैदा करे विकार। सार नहीं संसार में, करे समय बेकार।। करे समय बेकार, मोह माया का फंदा। दिखे न रब का रूप, नैन होते भी अंधा।। कहि सुरेश कविराय, न बोले मीठी वाणी। मद ममता में चूर, सार सब भूला प्राणी।सुरेश कविराय शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप लेबल सुरेश की कुण्डलियाँ शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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